पल्लेदार आलू की बोरी भी अइसे नहीं उठाते जैसे लखनऊ में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को उनके ही पुराने जूनियर पुलिसवाले उठाकर ले गए…पुलिस वालों से ना दोस्ती अच्छी होती है और ना दुश्मनी..योगी आदित्यानाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले जबरन रिटायर कर दिए गए IPS अफसर अमिताभ ठाकुर को पुलिस वाले टांग ले गए..सही बता रहे हैं..कंधे पर टांग ले गए..चप्पलौ नहीं पहनै दिए..

अमिताभ ठाकुर बिचारे कहिते रहे इस तरह नहीं जाएंगे..अइसे नहीं जाएंगे..लेकिन अमिताभ ठाकुर टांग लिए गए..पुलिस में इतने बरस रहने के बाद यूपी की सेवा करने के बाद अमिताभ ठाकुर को अपने ही महकमे के पुलिसवालों ने ये इज्जत दी है..कानून तो सबके लिए बराबर होता ही है..अमिताभ ठाकुर कुछ किए होंगे तो धरे ही जाएंगे..

लेकिन सच में पुलिसवाले किसी के नहीं होते हैं..अपने ही डिपार्टमेंट के आदमी को इज्जत नहीं दे पाए..इनसे अच्छे तो बस कंडक्टर होते हैं कम से कम लॉग रूट पर बस चलाते समय एक दूसरे को इशारे इशारे में इज्जत देते हैं..कहां पर आरटीओ वाला खड़ा है बताते हुए चलते हैं…

खैर अमिताभ ठाकुर टांगे क्यों गए हैं… ये सबको मालूम है लेकिन आधिकारिक तौर पर अमिताभ ठाकुर को उठाने की वजह ये है कि इन पर आरोप है कि इन्होंने मतलब अमिताभ ठाकुर दुष्कर्म के आरोपी बसपा सांसद अतुल राय का सहयोग कर रहे थे..दुष्कर्म पीड़िता और उसके दोस्त मुकदमें के गवाह सत्यम राय ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर 16 अगस्त को वीडियो बनाया था..

जिसमें अमिताभ ठाकुर पर आरोप लगाया था..इसके बाद दोनों ने आत्मदाह करने की कोशिश की..गंभीर हालत में अस्पताल मं भर्ती कराया गया..जहां 21 मई को गवाह सत्यम राय और 25 मई को दुष्कर्म पीड़िता की मौत हो गई..उसके बाद ही अमिताभ ठाकुर धरे गए..और जेल भेज दिए गए हैं..

दोस्तों जो लोग अमिताभ ठाकुर को नहीं जानते उनको बताए देते हैं..अमिताभ ठाकुर गऊ किस्म के बागी IPS अफसर थे..योगी सरकार में जबरन कह दिया गया कि अइसा है बहुत कर लिया पुलिस की नौकरी अब अपना कोई काम धंधा देखो..अब आप रिटायर हैं…इसीलिए अमिताभ ठाकुर अपने घर की नेम प्लेट पर अपना नाम जबरिया रटायर आईपीएस अफसर लिखते हैं..

योगी सरकार के इस रवैये से खीझकर अमिताभ ठाकुर ने कह दिया कि योगी आदित्यनाथ को मैं चुनौती देता हूं..योगी आदित्यनाथ यूपी की धरती पर जहां से भी चुनाव लड़ेंगे मैं वहां से उनके खिलाफ चुनाव लड़ूंगा..

अब अमिताभ ठाकुर योगी आदित्यनाथ को चुनौती ना दिए होते तो..अतुल राय वाले केस में नाम आने के बाद भी पुलिस इस तरह से नहीं उठाती..लोग कहते हैं पुलिस उठा ले गई उठा ले गई…किसी को कभी उठाते हुए नहीं देखा है..तो अमिताभ ठाकुर को उठाते हुए वीडियो देख लेना..

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