जनसंख्या कानून (Population Law) कोई हव्वा थोड़ी है..भईया कम बच्चे होंगे तो उनकी परवरिश अच्छी होगी..जनसंख्या (Population) कम होगी तो सरकार पर बोझ कम होगा..जनसंख्या कानून (Population Law) में कोई दिक्कत नहीं है..सरकार के मंसूबों में दिक्कत हो तो वो अलग बात है..अगर साफ नियत से सरकार जनसंख्या कानून (Population Law) लाती तो सब इसका स्वागत करना चाहिए..कम बच्चे होंगे तो जनसंख्या नियंत्रित रहेगी..लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कह रहे हैं जनसंख्या कानून (Population Law) आएगा तो मजा आ जाएगा..साहब मुसलमानों को सबक सिखा दिया जाएगा..मुझे नहीं लगता इसमें सबक सिखाने जैसा कुछ है..मैं आपको उदाहरण देती हूं..लखनऊ में ठीक-ठाक मुस्लिम आबादी रहती है.स्कूल कॉलेज और प्रोफेशनल जिंदगी में मेरे जानने में तमाम मुस्लिम भाई बहन हैं..जब उनके शादी ब्याह हुए तो मैंने सामान्य परिवारों की तरह ही उनको भी देखा..बच्चों को पढ़ाने की चिंता देखी है..बच्चे को अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलाने के जुगाड़ लगाते देखा है..ऐसा नहीं है कि सारे मुस्लिम बच्चे पैदा करने की मशीन हैं..

आबादी बाढ़ाने का फितूर अज्ञानता से आता है..जिसको मालूम है कि 10 बच्चे पैदा करने के बाद उनकी परवरिश उनको ही करनी है..20 हजार की कमाई में 10 बच्चों की परवरिश नहीं हो सकती..सामान्य जागरूक मुस्लिम परिवार को तो जनसंख्या कानून (Population Law) से कोई दिक्कत नहीं है..बाकी मैंने ऐसे हिंदू परिवार भी देखे हैं..जिनके 10- से 12 बच्चे तक हैं..बुजुर्गों से बात करने पर पता चलता है कि बेटा नहीं पैदा हो रहा था तो इस चक्कर में 10 बच्चे हो गए..किसी ने कहा गांव में हमारा परिवार मजबूत रहे..गांव वाले हमको दबा ना पाएं..लड़ाई झगड़े में हमारा परिवार मजबूत रहे इसलिए ज्यादा बच्चे कर लिए..मुस्लिम परिवारों में भी देखा..बच्चे पैदा तो कर लिये लेकिन पढ़ाई लिखाई..और शिक्षा के नाम के पर जीरो हैं..

ये बात सही है कि जनसंख्या (Population) रथ में लगा वो पहिया है जो रथ को तेजी से दौड़ाती है..लेकिन अगर जर्रजर रथ को तेजी से दौड़ा दिया तो रथ ढेर हो जाएगा..पुर्जे बिखर जाएंगे…अरे भाई जिस देश में फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं..जहां सरकारी उद्योग बंद हो रहे हैं..बैंकों का बुरा हाल है..जीडीपी का बुरा हाल है..कारोबार चौपट हैं..वहां बिना नौकरी बिना रोजगार बिना शिक्षा के जनसंख्या (Population) विकास का कौन से रथ को दौड़ाएगी..आप सिर्फ उत्तर प्रदेश का उदाहरण देखिए..यूपी में जनसंख्या है लगभग 30 करोड़..लगभग 15 करोड़ वोटर हैं..इन 15 करोड़ वोटरों में मानकर चलिए कि 8 करोड़ लोग नौकरी कर रहे होंगे या अपना रोजगार कर रहे होंगे..बचे 7 करोड़ 7 करोड़ में भी मानिए कि 2 करोड़ लोग कुछ और धंधा पानी कर रहे होंगे..बाकी 5 करोड़ क्या करते होंगे..नहीं मालूम..यूपी की सरकार 4 लाख लोगों को रोजगार देने का दावा कर रही है..और 4 लाख के दावे में ही फूली नहीं समा रही है..अगर यूपी में 5 करोड़ लोग बेरोजगार हैं तो 5 कोरोड़ में 4 लाख रोजगार क्या मायने रखता है..ऊंट के मुंह में जीरा..

जनसंख्या (Population) कम होगी तो लाइफ इस्टाइल सुधरेगा..रोजगार होंगे..शिक्षा होगी..उन्ननति होगी प्रगति होगी.दोस्तों जनसंख्या (Population) के मामले में हम कुछ समय में चीन को पीछे छोड़ देंगे लेकिन क्या चीन की तरह भारत में रोजगार और व्यापार का स्कोप हैं..जवाब है नहीं..चीन के जनसंख्या कानून (Population Law)  में 3 बच्चे पैदा करने की ही इजाजत है..यूपी की सरकार जनसंख्या कानून (Population Law) लाने के लिए ड्राफ्ट बना चुकी है..जिसमें कहा जा रहा है कि 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को स्थानीय चुनाव लड़ने, सरकारी नौकर और योजनाओं के लाभ नहीं लेने दिए जाएंगे...प्रमोशन और नौकरी भी नहीं मिलेगी..कुछ बदलाव और कुछ छूट के साथ कानून (Law) आएगा तो कोई परेशानी की बात नहीं होगी..बच्चे पैदा करने के मामले में बीजेपी के 304 में से 152 विधायकों के 2 से ज्यादा बच्चे हैं. इनमें से कुछ विधायकों के 4-5 और 6 बच्चे भी हैं. सिर्फ 103 ऐसे विधायक हैं जिनके 2 बच्चे हैं और मात्र 34 विधायकों के इकलौती संतानें है..सरकारी ड्राफ्ट में एक ही सुधार होना चाहिए जब से कानून लागू हों उस दिन के बाद से बच्चे पैदा करने वालों पर ये कानून (Law) लागू हो..दोस्तों यूपी एकेला ऐसा राज्य नहीं होगा जहां जनसंख्या कानून (Population Law)  लागू होगा..भारत में..मध्य प्रदेश में साल 2001 से दो बच्चों का कानून (Law)  लागू है. 

उत्तराखंड में दो से ज्यादा बच्चे होने पर स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ने दिया जाता है..आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के पंचायती राज कानून के हिसाब से अगर किसी को 30 मई 1994 से पहले दो से ज्यादा बच्चे हुए हैं तो स्थानीय चुनाव नहीं लड़ सकता…राजस्थान में दो बच्चों से ज्यादा हों तो सरकारी नौकरी में नहीं जा सकते…महाराष्ट्र में अगर किसी के दो से ज्यादा बच्चे हैं तो वो ग्राम पंचायत, नगर निगम जैसे चुनावों नहीं लड़ सकता..गुजरात में दो से ज्यादा बच्चे वालों को पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में चुनाव नहीं लड़ने दिया जाता…ओडिशा में भी जनसंख्या कानून (Population Law) लागू है..असम में भी यही हाल है..दोस्तों इस Blog में इतना ही..मेरी वेबाइसट primemediahindustan.com पर विजिट जरूर करें मेरे आर्टिकल पढ़ें..और मुझे ट्विटर पर फॉलो करना ना भूलें..ट्विटर पर साथ आएंगे तो शक्ति बढ़ेगी शक्ति होगी तो सच और मजबूत होगा..चलते हैं राम राम दुआ सलाम जय हिंद…

डिस्क्लेमर- लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. भाषा में व्यंग्य है. लेखक का मक्सद किसी पार्टी किसी व्यक्ति किसी सरकार किसी धर्म जाति किसी मानव किसी जीव या फिर किसी संवैधानिक पद का अपमान करना या उनके सम्मान को छति पहुंचाने का नहीं है.. इसलिए व्य्ग्य को व्यंग्य की तरह लें..लेख में सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. भाषा में स्थानीय या यूपी की रीजनल भाषा को सरल करके प्रस्तुत किया गया है. समझाने के लिए बात घुमाकर कही गई है.

By Taniya Chauhan

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