दोस्तों इस स्टोरी में हम बात करेंगे..पंचायत चुनाव से जुड़े एक ऐसे टोटके की..जो मुख्यमंत्री की गद्दी छीन लेता है..और बनारस में अखिलेश से लगातार हारती बीजेपी की…जैसे बंगाल में ममता बनर्जी ने खेला किया वैसे ही अब समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सत्ता से हटाकर खेला करने के फुल मूड में है..पश्चिम बंगाल में खेला होबे नारा..बीजेपी के खिलाफ था..बंगाली में था..लेकिन यूपी के पूर्वांचल में खेला होबे नारे वाले बोर्ड वाराणसी से लगने शुरु हो गए हैं…

वाराणसी में खेला होई वाले पोस्टर लगने के पीछे खास मक्सद भी है..दोस्तों आपको याद होगा..बंगाल में नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी को दी दी ओ दीदी जैसे लब्जों से चिढा़ने की कोशिश की थी..उसी बीच मतता बनर्जी ने कहा था कि नरेंद्र मोद को बनारस में करार जावाब दिया जाएगा..यहां तक कि ममता बनर्जी ने बंगाल से चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया था..तब मोदी ने क्या कहा था वो सुनिए फिर आगे समाजवादी खेला होई के पीछे का राज आपको बताते हैं..

ममता बनर्जी किसी भी तरह वाराणसी में बीजेपी को परेशान करेंगी..नरेंद्र मोदी को बात बहुत अच्छे से मालूम है..इसीलिए समाजवादियों ने नरेंद्र मोदी बीजेपी को मेंटली पीछे धकेलने के लिए अभी से बनारस के आसपास खेला होबे के पास्टर लगाने शुरू कर दिए हैं..MLC चुनाव में बनारस बीजेपी के हाथ से निकलकर सपा के पास आ चुका है..पंचायत चुनाव में भी सपा से बीजेपी बुरी तरह से हार चुकी है..अब 2022 विधानसभा चुनाव में सपा बीजेपी को मात देने के लिए तैयार है..

पंचायत चुनाव में जनता की वोटिंग से सपा की जीत हुई है..अब जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में बीजेपी पुलिस के बल पर चुनाव लड़ रही है..रेप की FIR कराकर घरों पर बिल्डोजर चलवाकर..जालसाजी करके चुनाव लड़ रही है..लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में जीतने वाली पार्टियां..विधानसभा चुनाव हार जाती हैं..पिछले कुछ चुनावों में देखा गया है कि जो पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतती है जरूरी नहीं कि उसकी दोबारा बने. जिला पंचायत चुनाव जीतना सत्ता की गारंटी नहीं है. ये यूपी का इतिहास रहा है..अगर बीजपी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीतती है तो गई तो 2022 में जीत पक्की नहीं है. हार भी हो सकती है….दोस्तों यूपी धुआंधार राजनीतिक खबरों के लिए वेबसाइट का नोटिफिकेशन जरूर अलाऊ करिए..

Disclamer- उपर्योक्त लेक लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

By Taniya Chauhan

सच्चाई जिसे आप देखना चाहते है