नीरज ने रचा इतिहास: 121 साल में पहली बार ट्रैक एंड फील्ड में भारत को सोना, इस ओलंपिक का पहला स्वर्ण

भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। नीरज ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में 87.58 मीटर के स्कोर के साथ शीर्ष पर रहे। इस जीत के साथ ही नीरज ने 121 साल के इतिहास में पहली बार ट्रैक एंड फील्ड में भारत को सोना दिला दिया है। वह फील्ड एंड ट्रैक में गोल्ड जीतने वाले पहले और व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण हासिल करने वाले दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड जीता था।

मैच की हाईलाइट्स

छठा प्रयास

  • नीरज ने आखिरी प्रयास में एक बार फिर से अच्छा थ्रो किया और 84.24 मीटर की दूरी तय की     
  • नीरज का आखिरी थ्रो भी अपने कई प्रतिद्वंदियों से बेहतर रहा 
  • नीरज (87.58 मीटर) के साथ पहले, जबकि चेक गणराज्य के वाडले जैकब (86.67 मीटर) और वेस्ले वितेस्लाव (85.44 मीटर) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे.

पांचवां प्रयास

  • नीरज का पांचवां प्रयास भी फाउल 
  • नीरज अभी भी पहले स्थान पर

चौथा प्रयास

  • नीरज ने चौथे प्रयास में फ़ाउल किया 
  • नीरज अभी तक इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 87 मीटर का स्कोर हासिल किया है 
  • चेक गणराज्य के वाडलेच जैकब ने 86.67 के स्कोर से दूसरे स्थान पर 
  • अब मुकाबला 8 खिलाड़ियों के बीच

तीसरा प्रयास

  • नीरज तीसरे प्रयास में 76.79 का स्कोर ही कर पाए 
  • नीरज का श्रेष्ठ अभी भी 87.58 है
  • सभी खिलाड़ियों को कुल छह मौके मिलेंगे  
  • चेक गणराज्य के वेस्ले वितेजस्लाव 85.44 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर 
  • तीसरे प्रयास के बाद भी नीरज टॉप पर 
  • तीन प्रयास के बाद नीरज (87.58) शीर्ष पर, वेस्ले (85.44) दूसरे और वेबर जूलियन (85.30) तीसरे स्थान पर हैं 

दूसरा प्रयास:

  • नीरज ने दूसरे प्रयास में 87.58 का स्कोर किया 
  • पहले स्थान पर मौजूद 
  • पहले प्रयास में नीरज ने 87.03 का स्कोर किया था 
  • वेबर जूलियन ने दूसरे प्रयास में 85.30 का स्कोर किया, दूसरे स्थान पर 

पहला प्रयास:

  • नीरज चोपड़ा ने पहले प्रयास में 87.03 का स्कोर किया। 
  • पहले स्थान पर मौजूद 
  • जर्मनी के वेबर जूलियन 85.30 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर 

कोहनी की चोट से उबरकर की वापसी 

भारतीय सेना के नीरज की ओलंपिक की तैयारियां 2019 में कोहनी की चोट और फिर कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित हुई थी लेकिन उन्होंने अपने प्रशंसकों को बिल्कुल निराश नहीं किया। ओलंपिक में अपनी पहली ही थ्रो पर फाइनल में जगह बना ली। वह ओलंपिक से पहले सिर्फ तीन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले पाए थे। इसमें कुआर्टेन खेल ही विश्व स्तरीय प्रतियोगिता थी जहां चोपड़ा तीसरे स्थान पर रहे थे जबकि वेटेर ने खिताब जीता था।

दावेदार वेटेर व लेसी भी रहे नीरज से पीछे

खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे जर्मनी के योहानेस वेटेर (82.52 मीटर) और फिनलैंड के लेसी एटलेटालो (83.28 मीटर) भी नीरज से पीछे रहे और क्रमश: नौवें और आठवें स्थान पर रहे।

By Taniya Chauhan

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