किसान संयुक्त मोर्चा की महापंचायत के लिए मुजफ्फरनगर में राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर दो लाख वर्गफुट का विशाल पंडाल तैयार है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के बैठने को करीब साढ़े तीन हजार वर्ग फुट का विशाल मंच भी बनाया गया है। आयोजकों का दावा लाखों किसानों के आने का है, लेकिन करीब पचास हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था पंडाल और राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर की गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि राजनैतिक दलों के नेताओं को मंच नहीं मिलेगा। 

दिल्ली में सीमाओं पर पिछले नौ माह से भी अधिक समय से तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के 40 से अधिक किसान संगठनों के नेताओं ने अब सरकार को चेताने के लिए चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की किसानों के धर्मयुद्ध में इस्तेमाल की गई मुजफ्फरनगर की धरती की ओर रुख किया है। यहां पांच सितंबर को प्रस्तावित किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। महापंचायत में चार राज्यों उत्तर प्रदेश विशेषकर वेस्ट यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब से भीड़ आने की संभावना है। वहीं पूरे देश के विभिन्न राज्यों से किसान संगठनों के नेता भी यहां पहुंचेंगे। उधर जमीयत के नेताओं के भी समर्थन देने से इस किसान महापंचायत में मुस्लिमों की भी भारी भीड़ आने की संभावना जताई जा रही है। 

उधर, शामली में भी महापंचायत को लेकर भाकियू के साथ-साथ अन्य किसान संगठनों ने पूरी तरह से कमर कस ली है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकतर किसानों का शामली से होते हुए मुजफ्फरनगर पहुंचने की संभावना है। जनपद में उनकी आवभगत की बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। बॉर्डर पर व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। यमुना ब्रिज चौकी प्रभारी एसआई ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि बॉर्डर पर फोर्स तैनात रहेगा। यहां हाईविजन और नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं।