दोस्तों लखीमपुर (Lakhimpur) किसान कांड में एक नया वीडियो आ गया है..जिमसें एक पूर्व सांसद के लड़के की गर्दन फंस सकती है..यानी लखीमपुर में किसानों को अकेले मंत्री के लड़के ने नहीं रौंदा..उसमें एक पूर्व सांसद का घरवाला भी था..ये जो पीछे पीछे काले रंग की फॉर्च्यूनर आप देख रहे हैं..इस काले रंग की गाड़ी में..लखनऊ का एक और लाडला पुत्र बैठा था..

अब मोदी जी के मंत्री के बेटे की थार के पीछे चल रही फॉर्च्यूनर की कहानी सुनिए..ये फॉर्च्यूनर थी..लखनऊ के पूर्व सांसद अखिलेश दास गुप्ता के भतीजे अंकित दास की..हां वही जिनके तमाम स्कूल कॉलेज और दूसरे धंधे चलते हैं..तो आगे की कहानी..फॉर्चूनर सवार एक शख्स से सुनिए..जिसको किसानों ने पकड़ा था..जिससे एक डीएसपी रैंक के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं..

इस गाड़ी के नीचे कितने किसान आए..आज आपको बताऊंगी..लेकिन दोस्तों सबसे पहले ये देखिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी के मंत्रीमंडल में गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा आशीष मिश्रा अब तक गिरफ्तार नहीं हुआ है..इसी को कहते हैं सबका साथ सबका विकास..45 लाख में किसानों का साथ..और मंत्री के लड़के को छुट्टा छोड़कर मंत्री जी का विकास..ये देखिए तीन तारीख को fir दर्ज हुई थी..इसमें 302 यानी हत्या की धारा भी है..लेकिन मंत्री के लड़के को गिरफ्तार करने की हिम्मत यूपी की पुलिस में नहीं है..

सुना आपने..सीधे रस्ते की टेढ़ी की चाल है (Lakhimpur) ..मंत्री के लड़के को बचाने में बहुत सारे गोलमाल हैं..क्या आप लोगों ने एक चीज गौर की है..उत्तर प्रदेश में यूपी पुलिस के मुखिया यानी जिनको डीजीपी कहते हैं वो गायब हैं..उनका कोई अता पता नहीं है..अब यूपी में कानून और पुलिस के माईबाप नेता ही हैं..नेता कहेगा इसको पकड़ो तो पुलिस उसको पकड़ती है..नेता कहता है उसको जकड़ो तो पुलिस उसको जकड़ती है..जो यूपी के नेता कहते हैं पुलिस वही करती है..इनके लिए नियम कानून सब भाड़ में जा चुके हैं..24 घंटे से ज्यादा पुलिस किसी को हिरासत में नहीं सकती..24 घंटे मेंआरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है..इनसे मंत्री का लड़का नहीं पकड़ा गया..इन्होंने प्रियंका गांधी को पकड़ लिया..और तो और इतवार की रात को पकड़ा बुधवार को छोड़ा..ना कोर्ट ना कचहरी..पुलिस नेताओं की गुलाम है..जिस पार्टी की सरकार है उस पार्टी का नेता ही पुलिस का सुप्रीम लीडर होगा..जिसको नेता चाहेगा वो पकड़ा जाएगा..और नेताओं मंत्रियों के लड़के सड़कों पर तांडव करेंगे..

आप लोग बताईये ना मंत्री के लड़के आशीष मिश्रा और देश के पूर्व प्रधानमंत्री की बेटी प्रियंका गांधी में से किसानों (Lakhimpur) को जान से मारने का आरोप किस पर है..मंत्री के लड़के पर ना..तो गिरफ्तार प्रियंका गांधी क्यों थीं..और वो भी इल्लीगल गिरफ्तारी..क्या भारत देश में किसी शोकाकुल परिवार से मिलना गुनाह है क्या..किसान मार दिए गए..तो कोई उत्तर प्रदेश आ नहीं सकता है क्या..ब्रितानिया हुकूमत चल रही है क्या..कोई एयरपोर्ट पर हिरासत में..कोई प्लेन में हिरासत में..कोई घर के बाहर हिरासत में..

कोई गाड़ी में हिरासत में..और मंत्री का लड़का मौज में..कोई और नहीं जा सकता तो नहीं जा सकता..मान लेते हैं..विपक्षी नेता सब आग लगा देते लेकिन यूपी में तीन मुख्यमंत्री हैं उत्तर प्रदेश में एक भी मुख्यमंत्री मारे गए किसानों के घरवालों से मिलने नहीं गया..यूपी में 47 मंत्री हैं..एक भी मंत्री के पास टाइम नहीं था किसानों के लिए..प्रधानमंत्री से उम्मीद की नहीं जा सकती..वो 2022 के इलेक्शन में जाएंगे ही..रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी समय नहीं मिला..विपक्षी किसानों को भड़का देते चलिए मान लिया कि इसलिए आपने विपक्ष के नेताओं को नहीं जाने दिया..लेकिन आपके अपने नेता तो किसानों का दुख बांट सकते थे..लेकिन आप क्यों नहीं गए ..इसलिए नहीं गए कि आपकी हिम्ममत वहां जाने की नहीं थी..आप जानते हैं कि आपके मंत्री के लड़के ने किसानों को रौंदकर मारा है..आजाद भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ था..

पुराने राजा हाथियों से कुचलवाते थे..अंग्रेज घोड़ों से और उत्तर प्रदेश के भीतर बीजेपी सरकार में किसानों (Lakhimpur) को जीप से कुचला गया..आज तक किसी मंत्री के लड़के में इतनी हिम्मत कभी नहीं हुई थी कि अपना हक मांगने वालों को गाड़ी के रौंदकर मार दे..गाड़ी का चटका शीशा दिखाकर मंत्री के बेटे को बचाने वालों..अपने घरवालों पर इसी मंत्री के लड़के को बुलाकर गाड़ी चढ़वाओ..

फिर अपना रिएक्शन चेक करना..फूल पहनाने का मन करेगा..या फुल फाइनल करने का मन करेगा..बीजेपी के जो कार्यकर्ता इस हैवानियत में मारे गए उनकी आत्मा की शांति के लिए मैं प्रर्थना करती हूं..हमारे पत्रकार साथी को भी नमन करती हूं..किसानों को न्याय मिले..आरोपी मंत्री के बेटे को ऐसी सजा मिले कि सभी बिगड़ैल रईजादों के लिए उदाहरण बने…ऐसे मंत्रियों को मंत्रिंडल से हटाया जाए..ब्राह्णण के नाम पर बीजेपी को यही नौरत्न मिला था..देश का गृह राज्य मंत्री बनाने के लिए..जिस पर पहले से क्रिमिनल चार्जेज थे..मोदी जी अपने मंत्री की कुडली राकेश टिकैत से सुन लीजिए..

शायद गृह मंत्रालय संभालने के लिए क्रिमिनोजॉली जरूरी होती होगी..पंडित को ही मंत्री बनाना था तो तमाम पंडित सांसद पड़े हैं.. शुद्ध सात्विक टाइप के राज्यसभा सांसद पड़े हैं..लेकिन टेनी में सांप की लार लगी होगी शायद..मैं जानती हूं…होगा कुछ नहीं जिसकी लाठी उसकी ही भैंस रहेगी..भाषणबाजी में ये बातें अच्छी लगती हैं..गोदी मीडिया सवाल करती नहीं है..इसलिए मैं कर लेती हूं..निराशा किसी को पसंद नहीं..लेकिन मैं फर्जी आशावादी बातें करके मैं किसी का समय नहीं खराब करती..