देश-दुनिया में शारदीय नवरात्रि पर्व गुरुवार से शुरू हो जाएंगे. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के लिए केवल 1 घंटे का शुभ योग बन रहा है.

  • सुबह 6 बजकर 17 मिनट पर शुभ मुहूर्त
  • इस विधि से करें कलश स्थापना
  • नवरात्रि में रोजाना करें स्नान

नई दिल्ली: देश-दुनिया में शारदीय नवरात्रि पर्व गुरुवार से शुरू हो जाएंगे. इस साल दो तिथियां एक साथ पड़ रही हैं, जिसके चलते इस बार नवरात्रि 9 दिनों के बजाय 8 दिनों की रहेगी. 

सुबह 6 बजकर 17 मिनट पर शुभ मुहूर्त

अश्विन मास में शुरु होने वाली नवरात्रि पर्व 7 अक्टूबर को शुरू होकर 14 अक्टूबर को महानवमी पर संपन्न हो जाएंगे. नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इसके साथ ही घर में कलश स्थापना की जाती है. इस बार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त (Shardiya Navratri 2021 Kalash Sthapana Shubh Muhurat) गुरुवार सुबह 6 बजकर 17 मिनट से सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक है. इस शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित करना फलदायी होगा. हालांकि इसके बाद भी कलश स्थापना की जा सकेगी.  

इस विधि से करें कलश स्थापना

कलश स्थापना(Navratri 2021 Kalash Sthapana vidhi) करने से पहले स्नान करें. इसके बाद मां दुर्गा, भगवान गणेश और नवग्रहों की मूर्ति के साथ कलश की स्थापना करें.  कलश स्थापना के समय अपने पूजा गृह में सात प्रकार के अनाज रखें. संभव हो, तो नदी की रेत रखें. फिर जौ डालें. इसके बाद कलश को गंगाजल मिक्स करके जल से भर दें. फिर आम की पत्तियों से कलश को ढ़क दें. इसके बाद कलश के ऊपर चुन्नी से लिपटा हुआ नारियल रखें.  

नवरात्रि में रोजाना करें स्नान

नवरात्रि के दौरान रोजाना सुबह जल्‍दी स्‍नान करके साफ कपड़े पहनें और फिर पूजा स्‍थल की भी सफाई करें. इसके बाद रोज नियमानुसार पूजा करें. सुबह के अलावा शाम को भी घी का दीपक लगाकर आरती करें. अगर अखंड ज्‍योति प्रज्‍वलित की है तो उसके 9 दिन तक चौबीसों घंटे प्रज्‍वलित रखने का उचित इंतजाम करें. आखिरी दिन पूजा के बाद उसे बुझाएं नहीं बल्कि अपने आप ठंडी होने दें.